Sunday, September 4, 2016

किडनी को साफ़ करे वह भी सिर्फ 5 रुपैये में।

हमारी किडनी एक बेहतरीन फ़िल्टर हैं जो सालो से हमारे खून की गंदगी को साफ़ करने का काम करती हैं मगर हर फ़िल्टर की तरह इसको भी साफ़ करने की ज़रुरत हैं ताकि ये और भी अच्छा काम करे।
आज हम आपको बता रहे हैं इसकी सफाई के बारे में और वह भी सिर्फ 5 रुपैये में।
एक मुट्ठी भर धनिया लीजिये इसको छोटे छोटे टुकड़ो में काट ले और अच्छी तरह धुलाई कर ले। फिर एक बर्तन में १ लीटर पानी डाल कर इन टुकड़ो को डाल दे, 10 मिनट तक धीमी आंच पर पकने दे, बस अब इसको छान ले और ठंडा होने दो अब इस ड्रिंक को हर रोज़ एक गिलास खाली पेट पिए। आप देखेंगे के आपके पेशाब के ज़रिये सारी गंदगी बाहर आ रही हैं।
NOTE : – इसके साथ थोड़ी से अजवायन डाल ले तो सोने पे सुहागा हो जाए। और ये  उपाय कोई इलाज नहीं है, किडनी से सम्बंधित मरीज सिर्फ डॉक्टर से सलाह ले कर ही इसको अजमाए. ये सिर्फ एक हेल्दी व्यक्ति के लिए है जिसकी किडनी सही काम कर रही हो..
अब समझ आया के हमारी माँ अक्सर धनिये की चटनी क्यों बनती थी और हम आज उनको old fashion कहते हैं।.

यूरीन और आपका स्वास्थय ।

यूरीन यूरिया से बना शब्द है, आप रोज कितनी यूरिया खाते हैं ?

गेहूँ , चावल, दाल, सब्जियां सब तो यूरिया डाल डाल कर उगायी जाती हैं , इन्हें धोने पकाने से तो यूरिया निकल नहीं जाता, लेकिन हमारे शरीर में ऐसा सिस्टम है जो खाद्य पदार्थों में पाए जाने वाले हानिकारक तत्वों को छान फटक कर अलग कर देता है, ये तत्व सामान्य दशा में मलाशय और मूत्राशय में एकत्र होकर बाहर निकल जाते है । अगर आप इन्हें शरीर में रोके रहें तो शायद मुझे बताने की जरूरत नहीं कि शरीर क्या महसूस करेगा ?
अगर आप स्वस्थ रहना चाहते है तो 24 घंटे में कम से कम एक बार मल त्याग और 9 बार मूत्र त्याग जरूरी है ताकि शरीर में भोज्य पदार्थों के माध्यम से जाने वाला जहर बाहर निकलता रहे जिससे किडनी, लीवर और फेफड़े सुरक्षित रहें ।


इस यूरिया ने जब हमारे देश के एक बहुत बड़े भू-भाग को बंजर कर दिया तो फिर हमारे हाड मांस के 5-6 फुट के शरीर की क्या औकात ? इसी जहर की वजह से हमारे हारमोन डिसबैलेंस होते जा रहे हैं, नपुंसकता बढ़ रही है । दिमाग पर सर्वाधिक असर हो रहा है जिसकी वजह से विनम्रता ख़त्म होती जा रही है । दिमाग में हमेशा गरमी चढी रहती है तो ब्लड प्रेशर सामान्य कैसे रहेगा ? बाल झड़ना, नजर कमजोर होना ये सब इसी का दुष्प्रभाव हैं ।
आप किसानों को या दूधियों को यूरिया का प्रयोग करने से तो मना कर नहीं सकते । डिब्बा बंद खाद्य पदार्थों में जो रसायन इस्तेमाल किये जाते हैं, उनसे भी आप बच नहीं सकते, ये भी संभव नहीं कि सब कुछ खाना ही छोड़ दें हम । परंतु शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना हमारे हाथ में है और शरीर से ज्यादा से ज्यादा जहर बाहर निकालना हमारे हाथ में है।
तो आप लोगों को ये मेरा अनुरोध नहीं आदेश है कि कम से कम 9 बार मूत्र विसर्जन कीजिये । चाहे इसके लिए जितना पानी पीना पड़े । अगर आपने एक सप्ताह यह काम कर लिया तो आप खुद ही आठवें दिन अपने आपको इतना हल्का -फुल्का महसूस करेंगे जितना आपने कभी नहीं किया होगा । अनेक बीमारियाँ तो आपकी यूं ही नष्ट हो जायेंगी .
ये आयुर्वेद की सबसे सस्ती दवा मैंने आपको बतायी है । लेना न लेना आपके हाथ में ।
शरीर तो आप ही का है । और अगर आपको अपने शरीर में जहर इकट्ठा करने का शौक है तो मैं क्या करूं ?
मर्जी आपकी…….!!!
जिन लोगो के पास घर में थोड़ी सी जगह हैं तो अपने लिए जहाँ तक संभव हो सके सब्जिया उगाये और गाय ज़रूर रखे। इस से बड़ा स्वास्थय बढ़ाने वाला कोई एक्शन हो नहीं सकता।         सौजन्य से :- विजेंद्र गौतम।