Wednesday, October 5, 2016

नाभि के बारे मे 10 बातें जानकर आप हैरान हो जाएंगे...

देखने मे सेक्सी या बदसूरत, बालों वाला या एकदम चिकना, छेदा वाला या टैटू वाला या फिर चाहे बाहर निकाला हुआ या अंदर धसा हुआ। नाभि मानव शरीर का बहुत ही दिलचस्प भाग है जो वैज्ञानिकों के दिमाग़ मे बहुत सारे सवाल पैदा करता है। मुझे ऐसा लगता है की कोई भी लड़का अपने गर्लफ्रेंड के इस भाग (नाभि) को छू के उसको उत्तेजित कर सकता है। आपको क्या लगता है की नाभि सही मे बहुत दिलचस्प हिस्सा होता है मानव शरीर का?खैर मुझे ऐसा लगता है की सायद नाभि के बारे मे आपको ज़्यादा कुछ पता नही होगा तो आइए आज हम आपको मानव शरीर के सबसे दिलचस्प हिस्से नाभि के बारे मे कुछ अजीबो-ग़रीब बात बतातें है।

1:- आपके नाभि मे 67 प्रकार के बैक्टीरिया पाएँ जाते है।

      यह हमारे शरीर का सबसे गंदा भाग होता है।


2:-संसार मे केवल 4% लोगो का नाभि ही बाहर निकला हुआ है।

     बाकी लोगो के पास अंदर धासा हुवा नाभि होता है।

3:- बाहर निकले हुए नाभि को दोषपूर्ण नाभि भी कहते हैं।

ऐसा नाभि तब होता है जब जन्म के समय डॉक्टर नाभि को सही तरीके से नही बाँध पाते है।

4:-महिलाओं के तुलना मे पुरुषो के नाभि के पास ज़्यादा रोएं होते हैं।


5:-क्या आपको पता है? वर्ल्ड के सबसे सेक्सी महिला को नाभि नहीं था।


6:- नाभि केवल स्तनधारियों मे ही पाया जाता है।

नाभि उन जनवरो मे नही पाया जाता है जो अंडे देते हैं।

7:- नाभि भेदी को सही होने मे 9 महीने तक लग सकता है।

और बात करें नाक और कान की तो ये 6 हफ्ते मे सही हो जाता है।

8:- T आकार के नाभि सबसे कामुक होते हैं।
क्या आपने अपने नाभि का आकर चेक किया है?

9:-किसी दो व्यक्ति का नाभि एक समान नही हो सकता।

क्योंकि हर व्यक्ति के शरीर मे अलग-अलग रोगाणु (जॅम्स) पाए जातें हैं।

10:-महिलाओं का नाभि गुप्त होता है।

जिन महिलाओं का नाभि एकदम बीच मे होता है उनके बच्चे एकदम स्वस्थ पैदा होते हैं।



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Friday, September 30, 2016

एल्युमीनियम के बर्तनों में बने भोजन के गंभीर दुष्परिणाम

आजकल हमारे रसोईघरों में ज़्यादातर बर्तन एल्युमीनियम से बने हुए होते हैं। आज विश्व के लगभग ६०% बर्तन अल्यूमीनियम से बनाए जाते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि एक तो ये दूसरी धातुओं के मुकाबले सस्ते और टिकाऊ होते हैं, ऊष्मा के अच्छे सुचालक होते हैं।

भले ही एल्युमीनियम के बर्तन सस्ते पड़ते हों लेकिन हमारे स्वास्थ्य पर इनका बहुत बुरा असर पड़ता है। इन बर्तनों में पके हुए भोजन के कारन एक औसतन मनुष्य प्रतिदिन 4 से 5 मिलीग्राम एल्युमीनियम अपने शरीर में ग्रहण करता है। मानव शरीर इतने एल्युमीनियम को शरीर से बाहर करने में समर्थ नहीं होता है। एक तरह से हम रोज़ इन एल्युमीनियम के बर्तनों के बहाने धीमा ज़हर खा रहे हैं। गौर से देखने पर आप पाएंगे कि एल्युमीनियम के बर्तनों में बने भोजन का रंग कुछ बदल जाता है ऐसा इसलिए होता है कि यह भोजन एल्युमीनियम से दूषित हो जाता है।
स्वास्थ्य पर इसका बुरा प्रभाव इसलिए पड़ता है क्योंकि एल्युमीनियम भोजन से प्रतिक्रिया करता है, विशेष रूप से एसिडिक पदार्थों से जैसे टमाटर आदि। प्रतिक्रिया कर यह एल्युमीनियम हमारे शरीर में पहुँच जाता है। सालों तक यदि हम एल्युमीनियम में पका खाना खाते रहते हैं तो यह एल्युमीनियम हमारी मांसपेशियों, किडनी, लीवर और हड्डियों में जमा हो जाता है जिसके कारण कई गंभीर बीमारीयां घर कर जाती हैं।
एल्युमीनियम पोइज़निंग के लक्षण
एल्युमीनियम पोइज़निंग का मुख्य लक्षण है पेट का दर्द। हो सकता है आपके पेट में अक्सर रहने वाला दर्द एल्युमीनियम के कारण हो। इसके अलावा कमज़ोर याददाश्त और चिंता इसके दूसरे प्रमुख लक्षण हैं।
एल्युमीनियम के कारण होने वाली बीमारियां
कमज़ोर याददाश्त और डिप्रेशन
मुंह के छाले
दमा
अपेंडिक्स
किडनी का फेल होना
अल्ज़ाइमर
आँखों की समस्याएं
डायरिया या अतिसार
इसलिए हमेशा लोहे अथवा मिट्टी के पात्रों में ही भोजन पकाया जाना चाहिए। यह आपके भोजन के स्वाद और आपकी सेहत दोनों के लिए अच्छा है।