Monday, June 30, 2014

मासिक धर्म (Periods)

मित्रो माताओ-बहनो को मासिक धर्म (Periods) से सबन्धित समस्याएँ होना साधारण बात है अक्सर माहवारी की अनियमिता हो जाती है ,अर्थात कई बार रक्तस्त्राव बहुत अधिक हो जाता है और कई बार क्या होता है बिलकुल ही नहीं होता ! और कभी कभी ऐसा भी होता है की ये 2-3 दिन होना चाहिए लेकिन 1 ही दिन होता है ,और कई बार 15 दिन ही दुबारा आ जाता है ! और कई बार 2 महीने तक नहीं आता !

पूरी पोस्ट नहीं पढ़ सकते तो यहाँ click करें
https://www.youtube.com/watch?v=JAyHlx8kqUk

तो ये मित्रो मासिक धर्म चक्र की अनियमिता की जितनी सभी समस्याएँ है इसकी हमारे आयुर्वेद मे बहुत ही अच्छी और लाभकारी ओषधि है वो है अशोक के पेड़ के पत्तों की चटनी !
हाँ एक बात याद रखे आशोक का पेड़ दो तरह का है एक तो सीधा है बिलकुल लंबा ज़्यादातर लोग उसे ही अशोक समझते है जबकि वो नहीं है एक और होता है पूरा गोल होता है और फैला हुआ होता है वही असली अशोक का पेड़ है जिसकी छाया मे माता सीता ठहरी थी ! फोटो मे देखिये !

तो इस असली अशोक के 5-6 पत्ते तोड़िए उसे पीस कर चटनी बनाओ अब इसे एक से डेढ़ गिलास पानी मे कुछ देर तक उबाले ! इतना उबाले की पानी आधा से पौन गिलास रह जाए ! फिर उसे बिलकुल ठंडा होने के लिए छोड़ दीजिये और फिर उसको बिना छाने हुए पीये ! सबसे अच्छा है सुबह खाली पेट पीना ! कितने दिन तक पीना ?? 30 दिन तक लगातार पीना उससे मासिक धर्म (periods ) से सबन्धित सभी तरह की बीमारियाँ ठीक हो जाती हैं ! ये सबसे अधिक अकेली बहुत ही लाभकारी दवा है ! जिसका नुकसान कोई नहीं है ! और अगर कुछ माताओ-बहनो को 30 दिन लेने से थोड़ा आराम ही मिलता है ज्यादा नहीं मिलता तो वो और अगले 30 दिन तक ले सकती है वैसे लगभग मात्र 30 दिन लेने से ही समस्या ठीक हो जाती है !

तो मित्रो ये तो हुई महवारी मे अनियमिता की बात ! अब बात करते पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द की. बहुत बार माताओ -बहनो को ऐसे समय मे बहुत अधिक शरीर मे अलग अलग जगह दर्द होता है कई बार कमड़,दर्द होना ,सिर दर्द होना ,पेट दर्द पीठ मे दर्द होना जंघों मे दर्द होना ,स्तनो मे दर्द,चक्कर आना ,नींद ना आना बेचैनी होना आदि तो ऐसे मे तेज pain killer लेने से बचे क्योंकि इनके बहुत अधिक side effects है , एक बीमारी ठीक करेंगे 10 साथ हो जाएगी और बहुत से pain killer तो विदेशो मे 20 वर्षो से ban है जो भारत मे बिकती है !

तो आयुर्वेद मे भी इस तरह के दर्दों की तात्कालिक (instant relief ) दवाये है जिसका कोई side effect नहीं है ! तो पीरियडस के दौरान होने वाले दर्दों की सबसे अच्छी दवा है गाय का घी ,अर्थात देशी गाय का घी ! एक चम्मच देशी गाय का घी को एक गिलास गर्म पानी मे डालकर पीना ! पहले एक गिलास पानी खूब गर्म करना जैसे चाय के लिए गर्म करते है बिलकुल उबलता हुआ ! फिर उसमे एक चम्मच देशी गाय का घी डालना ,फिर ना मात्र सा ठंडा होने पर पीना ,चाय की तरह से बिलकुल घूट घूट करके पीना ! बिलकुल सिप सिप करके पीना है ! तात्कालिक (instant relief ) एक दम आराम आपको मिलेगा और ये लगातार 4 -5 दिन जितने दिन पीरियड्स रहते है पीना है उससे ज्यादा दिन नहीं पीना ! ये पीरियडस के दौरन होने वाले सब तरह के दर्दों के लिए instant relief देता है सामान्य रूप से होने वाले दर्दों के लिए अलग दवा है !

एक बात जरूर याद रखे घी देशी गाय का ही होना चाहिए , विदेशी जर्सी,होलेस्टियन ,फिरिजियन भैंस का नहीं !! देशी गाय की पहचान है की उसकी पीठ गोल सा ,मोटा सा हम्प होता है !कोशिश करे घर के आस पास पता करे देशी गाय का ! उसका दूध लाकर खुद घी बना लीजिये ! बाजारो मे बिक रहे कंपनियो के घी पर भरोसा ना करें ! या भारत की सबसे बड़ी गौशाला जिसका नाम पथमेड़ा गौशाला है जो राजस्थान मे है यहाँ 2 लाख से ज्यादा देशी गाय है इनका घी खरीद लीजिये ये पूरा देशी गाय के दूध से ही बना है ! काफी बड़े शहरो मे उपलब्ध है !

और अंत जब तक आपको जीवन मे आपको मासिक धर्म रहता है आप नियमित रूप से चुने का सेवन करें ,चुना कैसा ?? गीला चुना , जो पान वाले के पास से मिलता है कितना लेना है ?? गेहूं के दाने जितना ! कैसे लेना है ??बढ़िया है की सुबह सुबह खाली पेट लेकर काम खत्म करे आधे से आधा गिलास पानी हल्का गर्म करे गेहूं के दाने के बराबर चुना डाले चम्मच से हिलाये पी जाए ! इसके अतिरिक्त दही मे ,जूस मे से सकते है बस एक बात का ध्यान रखे कभी आपको पथरी की समस्या रही वो चुना का सेवन ना करे !! ये चुना बहुत ही अच्छा है बहुत ही ज्यादा लाभकरी है मासिक धर्म मे होने वाली सब तरह की समस्याओ के लिए !!
इसके अतिरिक्त आप जंक फूड खाने से बचे , नियमित सैर करे ,योग करे !

Quran & Muslims (भाग 2)

Quran & Muslims (भाग 2)

कुरान में विज्ञान को ढूँढ़ना उसी तरह असंभव है, जैसे गधे के सिर पर सींग ढूँढ़ना. क्योंकि कुरान और विज्ञान परस्पर एक दूसरे के विरोधी हैं. कुरान केवल ईमान रखने पर जोर देता है. कुरान पर प्रश्न करना अथवा उस पर तर्क वितर्क करना पाप है. जो कुरान में लिखा है वही सत्य है.

यदि कोई मुसलमान उस पर शंका करता है तो वह काफ़िर है. यदि कुरान कहे कि बिना पिता और माता के संतान हुई तो मान लो, यदि कुरान कहे कि मुहम्मद ने चाँद के दो टुकड़े कर दिए थे तो ईमान रखो.

कुरान का एक भाग अल्लाह ने लिखकर एक फ़रिश्ते जिब्राइल के हाथों मुहम्मद को दिया था, तो भी मान लो यदि किसी ने इस पर संदेह किया तो उसकी गर्दन कलम कर दी जायेगी. प्रश्न करना, पूछना इस्लाम में सबसे बड़ा पाप है.

परन्तु विज्ञान प्रत्येक तथ्य के बारे में जांच करने, परखने, प्रयोग करने और प्रश्न करने
की अनुमति देता है. इसी सिद्धांत से विज्ञान की इतनी प्रगति हुई है. बिना जांचे परखे विज्ञान किसी भी बात को स्वीकार नहीं करता. विज्ञान का न तो कोई
मुहम्मद जैसा अनपढ़
रसूल है जो तलवार की जोर पर अपनी बात मनवा सके न कोई कुरान जैसी कोई"पवित्र??? पुस्तक"है जिस पर सारे वैज्ञानिक ईमान रखने पर विवश हों.

यही कारण है कि मुसलमानों में कोई बड़ा वैज्ञानिक अथवा आविष्कर्ता नहीं हुआ (डॉ कलाम जी के अलावा). कुरान ने केवल आतंकी, अपराधी, स्मगलर तथा लुटेरों को ही जन्म दिया है.

जो थोड़ी अरबी, उर्दू सीख लेते हैं वे किसी मस्जिद के इमाम, मुल्ले, मुफ्ती बन जाते हैं. अथवा मुअज्जिन बन कर रेंकते रहते है. फिर भी बेशर्मी से सरकारी पैसों से वेतन लेते है.

जो रुपया देश के हिन्दू टैक्स के रूप में देते है. अचानक इन अक्ल के शत्रुओं को यह सनक लगी कि कुरान को विज्ञान सम्मत सिद्ध करके पश्चिम के लोगों पर अपनी ठग विद्या चलायें.... परन्तु हर स्थान और हर मंच पर इनको मात खानी पड़ी. वहां कुरान को किसी ने रद्दी के भाव भी नहीं पूछा.

हम आपको कुरान के विज्ञान अर्थात अल्लाह के अज्ञान के नमूने दे रहे हैं :-

१) - सूरज दलदल में ड़ूब जाता है.
"
यहाँ तक कि वह सूर्यास्त की जगह पहुँच गया, उसने देखा कि सूरज एक काले कीचड़ (Muddy Spring) में ड़ूब रहा था. सूरा अल कहफ़ 18 : 86
http://quranhindi.com/p421.htm

२) - अल्लाह ने प्रथ्वी को ठहरा रखा है.
"
वह कौन है, जिसने पृथ्वी को एक स्थान पर ठहरा दिया है. (Made the Earth
Fixed)
सूरा-अन नमल 27 : 61
http://quranhindi.com/p532.htm

३) - धरती झूलती रहती है.
"
वही है जिसने तुम्हारे लिए धरती को पालना बनाया (Restling
झूला)सूरा - अज जुखुरुफ़ 43 : 10
http://quranhindi.com/p677.htm

४) - धरती फैलायी जा सकती है. "और धरती को जैसा चाहा फैलाया (Spread
the Earth)
सूर -अस शम्श 91 : 6
http://quranhindi.com/p840.htm

५) रात और दिन लपेटे जा सकते है.
"
और वह रात को दिन पर लपेटता है एवं दिन को रात पर लपेटता है. सूरा - अज जुमुर 39 : 5
http://quranhindi.com/p635.htm

६) - सूरज अल्लाह से निकलने की आज्ञा लेता है.
"
सूरज रात को गंदे कीचड़ में डूबा रहता है, और अजान से पहले अल्लाह से निकलने की अनुमति लेता है. सही बुखारी - जिल्द 4 किताब 54
हदीस 441

7)
वही है जिसने तुम्हारे लिए जमीन को फर्श और आसमान को छत बनाया, और आकाश से पानी उतारा। कुरान 2 : 22
http://quranhindi.com/p005.htm

8)
अल्लाह ने आकाश को धरती पर गिरने से रोक रखा है. कुरान 22 : 65
http://quranhindi.com/p473.htm

भाई आकाश क्या है ???? कोई छत या दिवार है क्या ????

9) Quran 79 : 30
http://quranhindi.com/p821.htm

यहाँ इस आयत में क़ुरान का अल्लाह का इल्म न जाने कौन से ज्ञान से प्राप्त किया की धरती को फैला दिया -

क्या धरती चपटी है या चटाई है जो फैला दिया - किसी को समझ आये तो बताना !!

10)
निश्चय ही इसके लिए (चंद्रमा पर जाने के लिए) तुम्हें एक के बाद एक सीढी चढ़ना पड़ेगीं. "सूरा -इन शिकाक 84 :19
http://quranhindi.com/p831.htm

11)
अल्लाह ने कहा कि, हे मनुष्य और जिन्नों के समूहों यदि तुम में सामर्थ्य हो तो, इस धरती की परिधि से निकल कर आकाश की सीमा में प्रवेश करके अन्दर घुस कर आगे निकल जाओ "सूरा -रहमान 55 : 33

न तो तुम धरती की सीमा से बाहर निकल सकते हो,और न आकाश की सीमा में प्रवेश कर सकते हो "सूरा-अनकबूत 29 : 22
http://quranhindi.com/p554.htm

8
से 10 साल के अन्दर इंसान भी जा सकते है मंगल पर. लेकिन मुसलमान इस सत्य को स्वीकार नहीं करते, और किसी के द्वारा अंतरिक्ष में प्रवेश करने को असंभव बताते है. क्योंकि उनके अल्लाह ने कुरान में ऐसी ही डींग मारने वाली बात कही है. अल्लाह ने चुनौती दे कर कहा, "हे मनुष्यों और जिन्नों के गिरोह,यदि तुममें इतनी सामर्थ्य हो तो तुम धरती से आकाश सीमाओं से बाहर निकलो, और निकल कर बताओ. तुम निकल ही नहीं सकते ""
ﻳَﺎ
ﻣَﻌْﺸَﺮَ ﺍﻟْﺠِﻦِّ ﻭَﺍﻟْﺈِﻧْﺲِ ﺇِﻥِ ﺍﺳْﺘَﻄَﻌْﺘُﻢْﺃَﻥْ
ﺗَﻨْﻔُﺬُﻭﺍ ﻣِﻦْﺃَﻗْﻄَﺎﺭِ ﺍﻟﺴَّﻤَﺎﻭَﺍﺕِ ﻭَﺍﻟْﺄَﺭْﺽِ
ﻓَﺎﻧْﻔُﺬُﻭﺍ ﻟَﺎﺗَﻨْﻔُﺬُﻭﻥَ ﺇِﻟَّﺎﺑِﺴُﻠْﻄَﺎﻥٍ "
Quran, Sura Rahman 55 : 33
http://quranhindi.com/p741.htm

इस आयत से सिद्ध
होता है कि मुसलमानों का अल्लाह सर्वज्ञानी नहीं. जबकि वेदों में ईश्वर ने स्पष्ट शब्दों में अंतरक्ष में जाने को संभव
बताया है, वेद में कहा है -

"
यो अन्तरिक्षे
रजसो विमानः कस्मै
देवायहविषा विधेम". यजुर्वेद, अध्याय 32 मन्त्र 6 अर्थ -

जो ईश्वर हमें विशेष विज्ञानं युक्तविमान से अंतरिक्ष का भ्रमण कराता है, हमें उसी ईश्वर की उपासना करना चाहिए. अर्थात अल्लाह की इबादत करने वाले उसी की तर हजाहिल और मुर्ख बने रहेंगे, ऐसे लोग सिर्फ आतंकवादी ही बन सकते हैं.

""
अब हम कैसे मानें कि कुरान में विज्ञान होगा, जब अल्लाह को स्वयं ही प्राथमिक ज्ञान नहीं है. मुसलमानों के कट्टर होने का यही कारण है !!