Monday, April 2, 2018

बॉलीवुड ने भारत को इतना सब दिया हे

बॉलीवुड ने भारत को इतना सब दिया हे तभी
तो
आज देश यहाँ है
~~~~~
*1 बलात्कार गैंग रेप करने के तरीके
*2 शादी हो रही लड़की को मंडप से भगाना
*3 चोरी डकैती करने के तरीके धूम जेसी फ़िल्म
*4 भारत के संस्कारो का मजाक बनाना
*5 लड़कियो को छोटे अधनंगे कपडे पहने की सिख
देना और जानकारी देना नारी केवल भोग की
वस्तु है
*6 दारू सिगरेट चरस गांजा कैसे पिया और
लाया जाये
*7 गुंडागर्दी कर के हफ्ता वसूली करना
*8 भगवान का मज़ाक बनाना और अपमानित
करना
*9 भारतीयो को अंग्रेज की औलाद बनाना
*10 भारतीय संस्कृति को मूर्खता पूर्ण बताना
और
पश्चातीय संस्कृति को श्रेष्ठ बताना
*11 माँ बाप को वृध्धाश्रम छोड़ के आना
*12 गाय और भेंसो को मज़ाक बनाना और
कुत्तो को उनसे श्रेष्ठ बताना और पालना
सिखाना
*13 रोटी हरी सब्ज़ी खाना गलत बल्कि
रेस्टोरेंट में पिज़्ज़ा बर्गर कोल्ड्रिंक और नॉन वेज
खाना श्रेष्ठ है


*14 चोटी रखना मूर्खता और फनी है मगर बालो
के अजीबो गरीब स्टाइल (गजनी) रखना श्रेष्ठ है
उसे आप सभ्य लगते है
*15 शुद्ध हिन्दी या संस्कृत बोलना हास्य
वाली होती है मूर्खो की भाषा पर अंग्रेंजी
सर्वश्रेष्ठ भाषा है इसे आप ज्यदा समझदार और
पढ़े लिखे लगते है
*16 भगवान की आरती की जगह अश्लील गाने
गाना अच्छा है इतना सब कुछ 30 सालो में
बॉलीवुड ने भारत को दिया हे और अब ये सब
देख के और सीख के इतने बुद्धिजीवी हो गए है
क्या सही है और क्या गलत है इसमें भेद भी नहीं
कर पाते और बगैर सर पैर की फिल्में इस देश में 500
करोड़ कमा जाती है ।
इस देश का दुर्भाग्य देखिये बॉलीवुड के एक्टर,
एक्टर्स और क्रिकेटर के जन्मदिवस पर देश भर की
मिडिया और युवा पीढ़ी केक काटते है उन
लोगो को भारत के असली शूरवीरो ,वीर
वीरांगनाओ,ऋषि मुनियो,स्वामीवि
वेकानन्द,महाराणा प्रताप ,छत्रपति
शिवाजी,झाँसी की रानी,पृथ्वी राज
चौहान,
चंद्रशेखर आज़ाद, भगत सिंह के जन्म दिवस की
तारीख भी याद नहीं
भारतीय संस्कृति सभ्यता और संस्कारो का
पतन
करने में सबसे बड़ा योगदान बॉलीवुड का रहा है

आयुर्वेद के ग्रंथों के नाम.....

मित्रों ..
बहुधा आयुर्वेद प्रेमी सदस्य आयुर्वेद के ग्रंथों के नाम पूछते रहते हैं. आप सबकी सुविधा के लिए कुछ प्राचीन ग्रन्थों की सूची उपलब्ध करा रहा हूँ. कुछ ग्रन्थ तो मिलने दुर्लभ ही है कुछ ऐसे है जो बड़े पुस्तकालयों में ही उपलब्ध है. फिर भी ये सूची सुधी पाठकों के लिए उपयोगी रहेगी. ऐसा विश्वास है.

रसविद्या
• आनन्दकन्द
• भावप्रकाश -- भावमिश्र
• कैयदेवनिघण्टु
• मदनपालनिघण्टु
• रसहृदयतन्त्र -- गोविन्द भगवतपाद
• रसकामधेनु
• रसमञ्जरी -- शालिनाथ
• रसप्रकाशसुधाकर
• रसरत्नसमुच्चय -- वाग्भट
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• रससंकेतकलिका
• रसाध्याय
• रसार्णव -- गोविन्दाचार्य
• रसेन्द्रचिन्तामणि -- सुधाकर रामचन्द्र
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• सार्ङ्गधरसंहिता -- सार्ङ्गधर
• अष्टांगहृदय -- वाग्भट
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• वृहत्त्रयी :
• चरकसंहिता --- चरक
• सुश्रुतसंहिता --- सुश्रुत
• अष्टांगहृदय --- वाग्भट
• लघुत्रयी :
• भावप्रकाश --- भाव मिश्र
• माधव निदान --- माधवकर
• भेलसंहिता -- भेलाचार्य
• अन्य:
अष्टांगसंग्रह (४०० ई)
शार्ङ्गधरसंहिता -- शार्ङ्गधर (१३०० ई)
कश्यपसंहिता (इसमें कौमारभृत्य (बालचिकित्सा) की विशेष रूप से चर्चा है।)
वंगसेनसंहिता (या चिकित्सासारसंग्रह)--- वंगसेन
निबन्धसंग्रह -- दल्हण (इसमें दल्हण के पूर्व के अनेक आयुर्वेदाचार्यों के मत संकत्लित हैं )
बोवर पाण्डुलिपि (Bower Manuscript)


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