Friday, July 4, 2014

ब्रेन मलेरिया, टाइफाईड, चिकुनगुनिया

मित्रो ब्रेन मलेरिया, टाइफाईड, चिकुनगुनिया, डेंगू, स्वाइन फ्लू, इन्सेफेलाइटिस, माता व अन्य प्रकार के बुखार का इलाज पढ़े।

मित्रो बहुत सारे बुखार तेजी से भारत देश मे फैल रहे है । करोडो की संख्या मे लोग इससे प्रभावित हो रहे है। और लाखों लोग मर रहे है। हमेशा की तरह सरकार हाथ पर हाथ रखे तमाशा देख रही है।

श्री राजीव दीक्षित जी ने गाँव-गाँव घूम-घूम कर आयुर्वेदिक दवा से लाखो लोगो को बचाया है।। और ये दवा बनानी कितनी आसान है।



20 पत्ते तुलसी, नीम की गिलोई का सत् 5gm, 10gm सोंठ (सुखी अदरक), 10 छोटी पीपर के टुकड़े सब आपके घर मे आसानी से उपलब्ध हो जाती है। एक जगह पर कूटने के बाद एक गिलास पानी में उबलकर काढ़ा बनाना है ठन्डा होने के बाद में सुबह, दोपहर और श्याम दिन में तीन बार पीना चाहिए।

नीम गिलोई- इसका जूस डेंगू रोग में श्वेत रक्त कणिकाए, प्लेटलेट्स कम होने पर तुरंत बढ़ाने में ये गिलोय ज्यादा बहुत काम आता है।

इनके प्रयोग से आप रोगी की जान बचा सकते हैं। मात्र इसकी 3 खुराक से राजीव भाई ने लाखों लोगो को बुखार से मरने से बचाया था ।।
अपना अनमोल जीवन और पैसा बचाइए ।

स्वास्थ्य सबन्धित और अधिक जानकारी के लिए यहाँ देखें !

http://www.youtube.com/watch?v=-abSZjwsoJw

Tuesday, July 1, 2014

हरी मिर्च


हरी मिर्च लगभग पूरे भारतवर्ष में पाई जाती है | यह कई किस्मों में होती है , इसका पौधा छोटा-सा होता है | हरी मिर्च का स्वाद तीखा होता है और इसकी प्रकृति गर्म होती है | हरी मिर्च का नाम सुनते ही कुछ लोगों को उस का तीखापन याद करके पसीने आ जाते है तो कुछ के मुंह में पानी
हरी मिर्च को यदि तरीके से खाया जाए अर्थात उचित मात्र में खाया जाये तो वो औषधि का भी काम करती है आइये जानते है कैसे
गर्मी के दिनों में यदि हम भोजन के साथ हरी मिर्च खाएं और फिर घर से बाहर जाएँ तो कभी भी लू नहीं लग सकती |
खून में हेमोग्लोबिन की कमी होने पर रोजाना खाने के साथ हरी मिर्च खाए कुछ ही दिन में आराम मिल जायेगा |
मिर्च में अमीनो एसिड, एस्कार्बिक एसिड, फोलिक एसिड, सिट्रीक एसिड, ग्लीसरिक एसिड, मैलिक एसिड जैसे कई तत्व होते है जो हमारे स्वास्थ के साथ – साथ शरीर की त्वचा के लिए भी काफी फायदेमंद होता है
मिर्च के सेवन से भूख कम लगती है और बार बार खाने की इच्छा नहीं होती जिससे वजन बढ़ने का खतरा कम हो जाता है।